Poetry
मैं खुद से ही क्यों थक जाती हूँ। Why I get Tired of Myself Poem
मैं खुद से ही क्यों थक जाती हूँ। _______________________ मैं खुद से ही क्यों थक जाती …
मैं खुद से ही क्यों थक जाती हूँ। _______________________ मैं खुद से ही क्यों थक जाती हूँ, अपनी दिशा देख क्यों रुक जाती हूँ? औरों को सिखाते सिखाते, …
Read moreचलो ऐसी जगह ढूँढते हैं, खुद से तो हम बहुत मिल लिए। अब अपनों से जुदा लोग खोजते हैं, सफ़र में कुछ अनजानी राहें चुनते हैं। रात के सन्नाटो में, दिन के…
Read moreममता कुमारी पीएचडी स्कॉलर ( दिल्ली विश्वविद्यालय ) सारांश यह लेख फेक न्यूज़ से संबंधित है | 21 वीं शताब्दी में हर कोई जनता है कि फेक न्यूज़ क…
Read moreभारतीय ज्ञान परंपरा और रामचरितमानस डॉ . प्रीति व्यास ( सहायक प्राध्यापक , आय . पी . एस . अकादमी , इंदौर ) भारतीय ज्ञान परंपरा अर्थात जो ज्ञ…
Read more
Poetry
मैं खुद से ही क्यों थक जाती हूँ। _______________________ मैं खुद से ही क्यों थक जाती …