राष्ट्रप्रेम, कसौटी भी लेता है

​दितीय विश्व युद्ध के समय, ब्रिटेन के pm चर्चिल ने सिर्फ एक बार अपील की थी कि आम जनता कृपया अंडे न खरीदे। देश में अंडों की कमी है और अंडे सिर्फ सैनिकों के लिए ही होंगे।

ठीक उसी पल ब्रिटेन की दुकानों पर, लोगों की लंबी लंबी लाइने लग गई …लेकिन अंडे खरीदने के लिए लाइन नहीं लगी थी बल्कि खरीदे हुए अंडे और घर में रखे अंडे वापस करने की लाइन लगी थी।

राष्ट्रप्रेम, कसौटी भी लेता है। ये समय भी चला ही जायेगा, थोड़ा धैर्य रखिये 👍👍 

 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

अपने धर्म का सन्मान करे।

​एक ऐसा सच जो आपको आज तक नहीं बताया गया ???? 
भारत में 3 लाख मस्जिदें हैं।
जो अन्य किसी देश में भी नहीं है ।
 वाशिंगटन में 24 चर्च हैं 
लन्दन में 71 चर्च
 और इटली के मिलान शहर में 68 चर्च हैं।
 जबकि अकेले दिल्ली में 271 चर्च हैं।
लेकिन हिन्दू फिर भी सांप्रदायिक है ? 
किसी सेकुलर के पास इसका जवाब ??? 
 मैंने ISIS का विरोध करते किसी मुस्लिम को नहीं देखा है।
पर RSS का विरोध करते हुए लाखो हिन्दू देखे है।
मैंने किसी मुस्लिम को होली दीवाली की पार्टी देते नहीं देखा है पर हिन्दुओ को इफ्तार पार्टी देते देखा है।
मैंने कश्मीर में भारत के झंडे जलते देखे है। 
पर कभी पाकिस्तान का झंडा जलाते हुए मुसलमान नहीं देखा है। 
मैंने हिन्दुओ को टोपी पहने मजारो पर जाते देखा है।
पर किसी मुस्लिम को टिका लगाते मंदिर जाते नहीं देखा है।
मैंने मिडिया को विदेशो के गुण गाते देखा है। 
पर भारत के संस्कार के प्रचार करते नहीं देखा है। 
कुछ तो इसे शेयर भी नहीं करेंगे।
करबद्ध निवेदन करता हूँ की कृपया अधिक से अधिक शेयर करे।
मैनें आज तक 
राम बूट हाउस
लक्षमण लेदर स्टोर्स
माँ वैष्णो लस्सी भंडार
शंकर छाप तंबाकू, 
बजरंग पान भंडार
गणेश छाप बीडी, 
लक्ष्मी छाप पटाखे 
कृष्णा  बार  ऐंड  रेस्टारेंट 
जय माँ अम्बे होटल ( चाय नाश्ता )
इस तरह के प्रोडक्ट और दुकाने आपको हर जगह पर दिखाई देंगी

 

लेकिन, 

आज तक मेनें
 अल्लाह छाप गुटका, 
खुदा छाप बीडी 
ईसा मसीह  छाप तंबाकू बिकते नहीं देखा। 
मुसलमान  और  ईसाई  से 
हम हिन्दू 
यह सीखे की अपने धर्म का
 सम्मान कैसे किया जाता है।
अपने भगवान् और उनके प्रतिक चिन्हों को
 कचरे में
और रास्तो पर ना फेंके।
अपने धर्म का सन्मान करे।
संभव हो तो ऐसी चिन्हों वाली वस्तुए कतई ख़रीदे ही नहीं।
कंपनिया अपने आप सुधार में आ जायेगी।
👏कम से कम 1 लोगों को जरूर भेजे👏 ।

जनहित में जारी   ✊  🇮🇳
 वन्देमातरम…………

कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं….

​…..मै यादों का 

किस्सा खोलूँ तो,

कुछ दोस्त बहुत 

याद आते हैं….
…मै गुजरे पल को सोचूँ 

तो, कुछ दोस्त 

बहुत याद आते हैं….
…..अब जाने कौन सी नगरी में,

आबाद हैं जाकर मुद्दत से….
….मै देर रात तक जागूँ तो ,

कुछ दोस्त 

बहुत याद आते हैं….
….कुछ बातें थीं फूलों जैसी,

….कुछ लहजे खुशबू जैसे थे,

….मै शहर-ए-चमन में टहलूँ तो,

….कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.
….सबकी जिंदगी बदल गयी,

….एक नए सिरे में ढल गयी,
….किसी को नौकरी से फुरसत नही…

….किसी को दोस्तों की जरुरत नही….
….सारे यार गुम हो गये हैं…

…. “तू” से “तुम” और “आप” हो गये है….
….मै गुजरे पल को सोचूँ 

तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं….
…धीरे धीरे उम्र कट जाती है…

…जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है,

…कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है…

और कभी यादों के सहारे ज़िन्दगी कट जाती है …
…..किनारो पे सागर के खजाने नहीं आते, 

….फिर जीवन में दोस्त पुराने नहीं आते…
…..जी लो इन पलों को हस के दोस्त, 

फिर लौट के दोस्ती के जमाने नहीं आते ….👍
……हरिवंशराय बच्चन

​क्योंकि ये छठ जरुरी है..


ये छठ जरुरी है |

धर्म के लिए नहीं | समाज के लिए नहीं |

जरुरी है हम आप के लिए जो अपनी जड़ों से कट रहे हैं |

उन बेटों के लिए जिनके घर आने का ये बहाना है |

उस माँ के लिए जिन्हें अपनी संतान को देखे महीनों हो जाते हैं | उस परिवार के लिये जो टुकड़ो में बंट गया है | 

ये छठ जरुरी है उस नई पौध के लिए जिन्हें नहीं पता की दो कमरों से बड़ा भी घर होता है |

उनके लिए जिन्होंने नदियों को सिर्फ किताबों में ही देखा है | 

ये छठ जरुरी है उस परंपरा को ज़िंदा रखने के लिए जो समानता की वकालत करता है |

जो बताता है कि बिना पुरोहित भी पूजा हो सकती है |

जो सिर्फ उगते सूरज को ही नहीं डूबते सूरज को भी सलाम करता है | 

ये छठ जरुरी है गागर निम्बू और सुथनी जैसे फलों को जिन्दा रखने के लिए | सूप और दउरा को बनाने वालों के लिए |

ये बताने के लिए इस समाज में उनका भी महत्व है | 

ये छठ जरुरी है उन दंभी पुरुषों के लिए जो नारी को कमज़ोर समझते हैं |
ये छठ जरुरी है | बेहद जरुरी |
अंत में आप सभी को आस्था के इस पावन पर्व छठ की हार्दिक शुभकामनाएँ..
#Chhath

#PrideOfBihar

#Home

#Family

कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र के शोधार्थियों और अध्येताओं के शोध-पत्र